रांची
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में झारखंड के कई युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। साहिबगंज की निहारिका सिन्हा, सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया के आयुष कुमार और गिरिडीह जिले के जमुआ के करण सेठ ने सफलता हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। तीनों की उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्रों में खुशी की लहर है।
साहिबगंज नगर के कृष्णा नगर निवासी निहारिका सिन्हा ने यूपीएससी में ऑल इंडिया 365वीं रैंक हासिल की है। वह निरंजन सिन्हा और शबनम कुमारी की बड़ी पुत्री हैं। निहारिका के पिता पेशे से दर्जी हैं, जबकि उनकी मां स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध पर नर्स के रूप में कार्यरत हैं। साधारण परिवार से आने वाली निहारिका ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की।

निहारिका की प्रारंभिक शिक्षा साहिबगंज में हुई। उन्होंने वर्ष 2018 में संत जेवियर स्कूल साहिबगंज से मैट्रिक पास किया और 2020 में रांची के जवाहर विद्या मंदिर श्यामली से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के संत जेवियर कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक किया। इसके बाद वह यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं। वर्ष 2024 में उनके पहले प्रयास में मेन्स नहीं हो पाया, लेकिन 2025 के दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर अपने माता-पिता का सपना पूरा कर दिया। निहारिका अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और अपनी करीबी दोस्त रितु महावर को देती हैं।
वहीं सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित टायो कॉलोनी निवासी आयुष कुमार ने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया 143वीं रैंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। आयुष प्रदीप कुमार के पुत्र हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई गम्हरिया के विद्या ज्योति स्कूल से हुई और आगे की पढ़ाई चिन्मया विद्यालय, साउथ पार्क बिष्टुपुर से पूरी की। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से की। वर्तमान में आयुष बेंगलुरु में आईटी विभाग में कार्यरत हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सेल्फ स्टडी के जरिए यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने बताया कि सीमित समय के बावजूद लगातार मेहनत, अनुशासन और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री की मदद से उन्होंने यह सफलता हासिल की।

उधर गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड से जुड़े करण सेठ ने भी यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 333वीं रैंक हासिल की है। करण का पैतृक गांव चुंगलो है, जबकि वर्तमान में उनका परिवार पचंबा में रहता है।
करण के पिता रंजीत कुमार गुप्ता व्यवसायी हैं और उनकी माता सरिता गुप्ता गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में करण सबसे छोटे हैं। उनके बड़े भाई भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में एटीसी पद पर कार्यरत हैं, जबकि एक बहन सॉफ्टवेयर इंजीनियर और दूसरी बहन बैंक में कार्यरत हैं। बताया जाता है कि करण ने कुछ महीने पहले ही पावर ग्रिड में जनसंपर्क पदाधिकारी के पद पर योगदान दिया था। यूपीएससी का परिणाम घोषित होते ही तीनों सफल अभ्यर्थियों के घरों में बधाइयों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए इसे राज्य के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।
